कम भुगतान · रूम रेंट
रूम रेंट पर अनुपातिक कटौती: कब ग़लत है और पैसा कैसे वापस पाएँ
भारत में हेल्थ क्लेम कम पैसे में पास होने का सबसे आम कारण। जानें कटौती कैसे गिनी जाती है, बीमा कंपनियाँ कहाँ ज़्यादा काट लेती हैं और कटी रकम वापस पाने के कदम।
MediclaimSaathi टीम अपडेट 8 नवंबर 20266 मिनट
छोटा जवाब
अगर आपका कमरा पॉलिसी की रूम रेंट लिमिट से महँगा था, तो बीमा कंपनी उन ख़र्चों में उसी अनुपात में कटौती कर सकती है जो कमरे की श्रेणी के हिसाब से बदलते हैं (जैसे डॉक्टर विज़िट, नर्सिंग और कुछ प्रक्रिया शुल्क)। जिन चीज़ों का दाम हर कमरे में एक जैसा रहता है, जैसे दवाइयाँ, कंज़्यूमेबल्स, इम्प्लांट और ज़्यादातर जाँचें, या ऐसे अस्पताल जो कमरे के हिसाब से अलग बिल नहीं बनाते, उन पर यह अनुपात नहीं लगना चाहिए। लाइन-दर-लाइन ब्रेकअप माँगें, अस्पताल का टैरिफ़ लें और अधिक काटी गई रकम के लिए लिखित शिकायत भेजें।
अनुपातिक कटौती कैसे निकाली जाती है
कई पॉलिसियों में रूम रेंट की सीमा होती है, जैसे बीमित राशि का 1% प्रतिदिन, या "सिंगल प्राइवेट रूम"। अगर आप महँगे कमरे में रुके, तो कंपनी अनुपात निकालती है: पात्र रूम रेंट ÷ असली रूम रेंट।
उदाहरण: आपकी सीमा ₹5,000 प्रतिदिन है और आप ₹10,000 वाले कमरे में रुके। अनुपात 50% है। कंपनी कमरे के लिए ₹5,000 देती है और कमरे की श्रेणी से बदलने वाले बाक़ी ख़र्चों का सिर्फ़ 50% दे सकती है।
कहाँ यह कटौती नहीं होनी चाहिए
IRDAI के नियमों के अनुसार जिन ख़र्चों पर कमरे की श्रेणी का असर नहीं पड़ता, उन पर, या जो अस्पताल अलग-अलग बिल नहीं बनाते, वहाँ अनुपातिक कटौती नहीं लगाई जा सकती। अपनी पॉलिसी का शब्दांकन भी देखें, क्योंकि कई नई पॉलिसियों में रूम रेंट की कोई सीमा ही नहीं होती।
- दवाइयाँ और फ़ार्मेसी आइटम: दाम हर कमरे में एक जैसे हैं।
- कंज़्यूमेबल्स, इम्प्लांट और मेडिकल डिवाइस: दाम हर कमरे में एक जैसे हैं।
- ज़्यादातर जाँचें: आम तौर पर कमरे की श्रेणी से बिल नहीं बनतीं।
- ऐसे अस्पताल जो कमरे के हिसाब से अलग बिल नहीं लगाते।
- जिन पॉलिसियों में रूम रेंट की सीमा नहीं है, या आपका कमरा सीमा के अंदर था।
ग़लत कटौती वापस कैसे पाएँ
- 1सेटलमेंट ब्रेकअप लेंकंपनी या TPA से लाइन-दर-लाइन सेटलमेंट लेटर माँगें, जिसमें हर कटौती और इस्तेमाल हुआ क्लॉज़ दिखे।
- 2अस्पताल का टैरिफ़ लेंबिलिंग डेस्क से टैरिफ़ शीट माँगें, जिसमें दिखे कौन से शुल्क कमरे से बदलते हैं। अगर नहीं बदलते तो अनुपात नहीं लगना चाहिए।
- 3हर ग़लत कटौती चिह्नित करेंदवाइयाँ, कंज़्यूमेबल्स, इम्प्लांट और जाँचें जो अनुपात में काटी गईं, उनकी सूची बनाकर जोड़ें।
- 4लिखित शिकायत भेजेंबीमा कंपनी के ग्रीवेंस रिड्रेसल ऑफ़िसर को सूची, टैरिफ़ और बकाया रकम के साथ लिखें। पावती संभालकर रखें।
- 5ज़रूरत हो तो आगे बढ़ें30 दिन में जवाब न आए या शिकायत खारिज हो तो बीमा भरोसा पर दर्ज करें और इंश्योरेंस ओम्बड्समैन में शिकायत करें (मुफ़्त, एक साल के अंदर)।
अपना लेटर मुफ़्त चेक करें
रिजेक्शन लेटर की फ़ोटो अपलोड करें। 90 सेकंड में जानें कि क्लेम क्यों रिजेक्ट हुआ और आगे क्या करना है।
मुफ़्त चेक करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कमरा महँगा होने पर कंपनी दवाइयों का बिल भी काट सकती है?+
आम तौर पर नहीं। दवाइयों का दाम हर कमरे में एक जैसा होता है, इसलिए IRDAI के नियमों के अनुसार उन पर अनुपात नहीं लगना चाहिए। उस रकम को लिखित में वापस माँगें।
क्या ICU शुल्क पर भी अनुपातिक कटौती लगती है?+
यह पॉलिसी के शब्दांकन पर निर्भर है। देखें कि पॉलिसी में ICU की अलग सीमा है या नहीं और अस्पताल ICU का बिल कमरे की श्रेणी के हिसाब से अलग बनाता है या नहीं।
अगर मेरे पास कमरा चुनने का विकल्प ही नहीं था?+
अगर सीमा के अंदर कोई कमरा उपलब्ध नहीं था, तो शिकायत में यह लिखें और अस्पताल से कोई ईमेल या नोट सबूत के तौर पर लगाएँ। कंपनियाँ ऐसे मामलों में अक्सर दोबारा विचार करती हैं।
शिकायत के लिए कितना समय है?+
शिकायत जल्द से जल्द भेजें। कंपनी खारिज करे या 30 दिन में जवाब न दे तो आप उसके अंतिम जवाब के एक साल के अंदर इंश्योरेंस ओम्बड्समैन के पास जा सकते हैं।
और गाइड पढ़ें
स्रोत
- IRDAI — Master Circular on Health Insurance Business (May 2024)
- IRDAI Bima Bharosa grievance portal
- Council for Insurance Ombudsmen
यह गाइड सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं; हमेशा IRDAI के ताज़ा सर्कुलर और अपनी पॉलिसी की शर्तें देखें। MediclaimSaathi एक दस्तावेज़-तैयारी प्लेटफ़ॉर्म है, कोई लॉ फ़र्म, बीमा कंपनी या ब्रोकर नहीं।